देश पर मंडराया ‘बर्ड फ्लू’ का खतरा, हिमाचल में हुई 1800 प्रवासी पक्षियों की मौत

कोरोना वायरस संक्रमण के बीच राजस्थान, केरल और मध्य प्रदेश के बाद अब हिमाचल प्रदेश में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं. अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के कांगड़ा जिले के पोंग बांध झील क्षेत्र में मृत पाए गए कुछ प्रवासी पक्षियों में ‘Bird Flu’ की पुष्टि की है. राजस्थान में भी कई जिलों में पक्षियों की मौत हुई है. राज्य के विभिन्न जिलों में सोमवार को 170 से अधिक पक्षियों की मौत के मामले सामने आए.

पशुपालन विभाग के अनुसार राज्य में 425 से अधिक कौवों, बगुलों और अन्य पक्षियों की मौत हुई है. झालावाड़ के पक्षियों के नमूनों को जांच के लिये भोपाल (Bhopal) के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेजा गया था, जिसमें Bird Flu की पुष्टि हुई है जबकि अन्य जिलों के पक्षियों के नमूनों की जांच के परिणाम अब तक नहीं मिले हैं.

H5N8 वायरस का प्रसार रोकने के लिए 40,000 पक्षी मारे जाएंगे

वहीं केरल के कोट्टायम और अलप्पुझा जिलों के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू फैलने की जानकारी सामने आई है, जिसके चलते प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में और उसके आसपास 1 KM के दायरे में बत्तख, मुर्गियों और अन्य घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश दिया है. अधिकारियों ने कहा कि H5N8 वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए करीब 40,000 पक्षियों को मारना पड़ेगा.

कोट्टायम जिला प्रशासन ने कहा कि नींदूर में एक बत्तख पालन केंद्र में बर्ड फ्लू पाया गया है और वहां करीब 1,500 बत्तख मर चुकी हैं. Bird Flu काफी संक्रामक बीमारी है और H5N1 वायरस के कारण पक्षियों के श्वसन तंत्र पर इसका असर पड़ता है. मानव भी इससे संक्रमित हो सकते हैं.

पोंग बांध झील अभयारण्य में 1800 प्रवासी पक्षी मृत मिले

Himachal Pradesh में पोंग बांध झील अभयारण्य में अब तक करीब 1800 प्रवासी पक्षी मृत पाये गये हैं. केंद्र द्वारा दी गयी जानकारी का जिक्र करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अर्चना शर्मा ने कहा कि बरेली में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में मृत पक्षियों के नमूनों की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुयी है. उन्होंने कहा कि उनका विभाग भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डीजीज से इसकी पुष्टि का इंतजार कर रहा है क्योंकि इस बीमारी की जांच के लिये यह नोडल इकाई है. उन्होंने कहा कि जालंधर में उत्तरी क्षेत्र बीमारी जांच प्रयोगशाला ने भी पक्षियों के नमूनों में फ्लू की आशंका व्यक्त की है.

हिमाचल में अंडे, मांस, चिकन आदि की बिक्री पर रोक

वहीं कांगड़ा के जिलाधिकारी राकेश प्रजापति ने जिले के फतेहपुर, देहरा, जवाली और इंदौरा उप मंडल में मुर्गी, बत्तख, हर प्रजाति की मछली और उससे संबंधित उत्पादों जैसे अंडे, मांस, चिकन आदि की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. Himachal Pradesh के पोंग बांध वन्यजीव अभयारण्य में वन्यजीव कर्मियों ने पिछले सोमवार को Fatehpur में सबसे पहले चार पक्षियों के मृत मिलने की सूचना दी थी. इसके बाद कुछ अन्य क्षेत्रों से भी मामले सामने आए.

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