गोविंदा के फिल्मी करियर की वो ‘बड़ी गलती’ जिसका उन्हें हमेशा रहता है मलाल

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा (Govinda) आज एक ऐसा नाम हैं जिन्हें हर कोई जानता है. उनका टैलेंट जगजाहिर है और उनका स्टाइल पूरी दुनिया में ट्रेंड करता है. लेकिन गोविंदा का जो स्डारडम 90 के दशक में देखने को मिलता था, वो अब कहीं गायब हो चुका है. बतौर गेस्ट तो कई बार गोविंदा को बुलाया जाता है, लेकिन अब उनका वो हिट फिल्में देने का सिलसिला थम गया है. ऐसे में सवाल आता है कि ऐसा क्या हुआ कि 90 के बाद अचानक से गोविंदा का फिल्मी करियर औंधे मुंह गिर पड़ा?

90s का सुपरस्टार कैसे पड़ गया फीका?

अब जो सवाल सभी के मन में आता है, एक बार गोविंदा ने इसका जवाब दे दिया था. उन्होंने नेपोटिज्म पर तो ठीकरा नहीं फोड़ा था लेकिन बॉलीवुड में कई सारे पॉवर सेंटर वाली बात जरूर कहीं थी. उस समय गोविंदा ने माना कि किसी भी बड़े ग्रुप संग ना जुड़ा होना उनके करियर के लिए बहुत नुकसान वाला रहा. अगर वे किसी बड़े हाउस या फिर ग्रुप संग जुड़े रहते तो शायद उन्हें अच्छी फिल्में मिलती रहतीं. उन्होंने कहा था- बॉलीवुड एक बड़ा परिवार है, अगर आप सभी के साथ बनाकर चलते हैं तो काम कर जाएगा. अगर आप उस परिवार का हिस्सा हैं, आप अच्छा करेंगे.

वैसे गोविंदा को तो यहां तक लगता है कि उनके मुश्किल दौर में कई दूसरे लोगों ने भी उनकी मुसीबत बढ़ा दी थी. इस वजह से वे उठने की बजाय दलदल में और ज्यादा धसते गए.

गौरतलब है कि डायरेक्टर डेविड धवन (David Dhawan) संग गोविंदा का मन मुटाव किसी से नहीं छिपा. जिस डायरेक्टर संग गोविंदा ने अपने करियर की सारी हिट फिल्में की हैं, जिस डायरेक्टर संग उन्होंने अपने लिए सुपरस्टार का तमगा लिया है, अब हालत ये है कि वे उनके साथ काम भी नहीं करना चाहते हैं. गोविंदा ने डेविड धवन संग शोला और शबनम, कुली नंबर 1, साजन चले ससुराल जैसी फिल्मों में काम किया है.

लेकिन इस सब के बावजूद भी साल 2000 के बाद से गोविंदा ने अपना वो रुतबा खो दिया जिसके लिए वे जाने जाते थे. उन्होंने बतौर सहकलाकार जरूर बढ़िया काम किया, लेकिन उनकी लीड एक्टर वाली छवि गायब हो चुकी थी.

बता दें कि गोविंदा आज यानी 21 दिसंबर को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं.

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