UP के ‘मुन्नाभाई’ ने किए हजारों के ऑपरेशन- फर्जी डिग्री पर सीएचसी में कर रहा था नौकरी

UP के ‘मुन्नाभाई’ ने किए हजारों के ऑपरेशन: सहारनपुर- फर्जी डॉक्टर ने 10 सालो में कर डालें हजारो ऑपरेशन, हुआ अरेस्ट (Saharnpur, Fake doctor held after thousands of surgeries in 10 years)

UP के 'मुन्नाभाई' ने किए हजारों के ऑपरेशन- फर्जी डिग्री पर सीएचसी में कर रहा था नौकरी
सहारनपुर- फर्जी डॉक्टर ने 10 सालो में कर डालें हजारो ऑपरेशन, हुआ अरेस्ट

पुलिस बताया की आरोपी ने मैसूरु यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस करने वाले एक डॉक्टर के नाम से फर्जी डिग्री बनवा रखी थी । आरोपी मेंगलुरु एयरफोर्स में पैरामेडिकल अफसर था, दूसरे डॉक्टर के नाम डिग्री बनवा कर यहाँ सीएचसी में कॉन्ट्रैक्ट पर जुड़ा हुआ था ।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में फर्जी मेडिकल डिग्री पर प्रैक्टिस कर रहा डॉक्टर गिफ्तार

पुलिस के अनुसार आरोपी तब पकड़ में आया जब वह फिरौती से जुडी एक कॉल के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराने गया । सोचिये क्या हो जब “मुन्नाभाई एमबीबीएस” और थ्री इडियट्स का ‘रणछोड़दास श्यामलदास चांचड़ ‘रील लाइफ से निकल कर रियल लाइफ में आ जाये । ऐसा की वाकया उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में देखने को मिला । यहाँ पुलिस ने एक ऐसे आदमी को गिरफ्तार किया जिसने फर्जी डिग्री बनवा कर 10 सालो में हजारो ऑपरेटर कर डालें

पुलिस एसपी विद्यासागर मिश्र के अनुसार, देवबंद में ओमपाल (50) नामक व्यक्ति यहाँ के लोकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फर्जी डिग्री से खुद को डॉक्टर राजेश आर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करवाकर प्रैक्टिस कर रहा था । आरोपी अभी तक हजारो ऑपरेटर कर चूका है ।

मैसूरु यूनिवर्सिटी से पढ़ने वाले दूसरे डॉक्टर के नाम पर बनाई डिग्री

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी ने मैसूरु यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढाई करने वाले डॉक्टर के नाम से फर्जी डिग्री बनवा ली । वह यहाँ सीएचसी में कॉन्ट्रैक्ट पर जुड़ा हुआ था । इसका पता स्वयं तब चला जब वह खुद फिरौती से जुडी एक कॉल के बाद पुलिस स्टेशन शिकायत करने गया ।

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फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी, कर चुका है हजारों ऑपरेशन

एसपी ने बताया, ‘आरोपी पहले मंगलुरु में एयर फोर्स बेस हॉस्पिटल में बतौर पैरामेडिक कार्यरत था, जिसकी पेंशन उसे अभी भी मिलती है। उसके साथ राजेश आर नामक एक डॉक्टर भी काम करते थे, जिसके बाद वह विदेश चले गए। राजेश के विदेश जाने के बाद ओमपाल ने उसकी एमबीबीएस की डिग्री पर अपनी तस्वीर लगाकर फर्जीवाड़ा कर लिया। डिग्री के आधार पर ही उसे सीएचसी में सर्जन की नौकरी मिली और उसने सर्जरी के कई सारे डिप्लोमा और सर्टिफिकेट बनवा लिए।’

उसने होर्डिंग से लेकर हर जगह पर डॉक्टर राजेश शर्मा के नाम का प्रयोग किया ताकि देवबंद जैसी जगह पर किसी को शक न हो । एक अज्ञात शख्स ने उसे फ़ोन कर असली पहचान छुपाने के एवज में 40 लाख की डिमांड कर डाली और उसकी शिकायत करने वह पुलिस के पास गया और उसकी पोल खुल गई ।

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