प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने सोमवार को कहा नेवजीलैंड अब कोरोना मुक्त

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने कहा कि देश कोरोना मुक्त हो गया है सोमवार को। जेसिंडा के मुताबिक, उन्हें जब यह ख़ुशख़बरी मिली तो वह छोटी बेटी के साथ नाच उठीं। जेसिंडा ने कहा- मुझे अपने देश और यहां के लोगों पर पूरा गर्व है। हमने एक बेहद मुश्किल जंग को मिलकर जीता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमारी आखिरी मरीज 50 साल की महिला थी। उसका इलाज ऑकलैंड के एक नर्सिंग होम में हुआ था।

न्यूजीलैंड के लिए कोरोना जैसी बीमारी से जंग आसान नहीं रही। कामयाबी का सूत्र एक ही था- सरकार की कोशिश और लोगों का समर्थन पूरा। करीब 7 हफ्ते सख्त लॉकडाउन रहा यहाँ पर। वैसे पाबंदियां 75 दिन रहीं उसे ज्यादा नहीं। इसके बाद धीरे-धीरे ढील दी गई लोगो को। यात्रा संबंधी ढील दी गई तो सरकार की अपील थी- लोग अपने देश के टूरिस्ट प्लेसेस को ही तवज्जो दें। इससे सरकार की आय बढ़ेगी और लोगों का मनोरंजन भी हो जाएगा।

प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने सोमवार को कहा नेवजीलैंड अब कोरोना मुक्त

न्यूजीलैंड की आबादी 50 लाख से भी कम है। पहली बार फरवरी के आखिर में यहां कोरोना की आहट सुनाई दी। सरकार ने इस अदृश्य दुश्मन से जंग की तैयारी शुरू कर दी है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के साथ 4 सू्त्रीय कार्यक्रम बनाया। इसमें 43 बिंदू यानी प्वॉइंट थे। हर चरण में कुछ प्वॉइंट एक जैसे थे। इन पर सख्ती से अमल का फैसला किया गया। 7 हफ्ते का सख्त लॉकडाउन रहा। हर हफ्ते समीक्षा की गई। देश में कुल 1154 मामले सामने आए। उनमे से 22 लोगों की मौत हुई। करीब तीन लाख लोगों का टेस्ट हुआ।

न्यूजीलैंड ने चार अलर्ट लेवल बनाए:-
इनमें करीब 43 प्वॉइंट थे। लेवल 1 पर खतरा सबसे कम और लेवल 4 पर सबसे ज्यादा खतरा था। इनके कुछ जरूरी प्वॉइंट इस तरह थे।

  • लेवल 4 अलर्ट: लॉकडाउन
    – वायरस कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज पर
    – बेहद जरूरी चीजों को छोड़कर बाकी सेवाएं बंद
    – सिर्फ जरूरी सर्जरी हो सकेंगी
    – स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद
    – लोगों को घर में ही रहना होगा, इमरजेंसी सर्विस जारी रहेंगी
    – हर तरह की यात्रा पर सख्ती से रोक
    – सभी सार्वजनिक स्थान बंद
  • लेवल 3 अलर्ट : रोकथाम

    – कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा
    – शहर से बाहर जाने पर रोक
    – बीमार लोग घर पर ही रहेंगे
    – लोग घर पर रहें, बेहद जरूरी होने पर ही बाहर निकलें
    – फिजिकल डिस्टेंसिंग जरूरी इसके लिए नियम
    – सभी सार्वजनिक स्थान बंद
    – ऑनलाइन मेडिकल फेसेलिटीज को तवज्जो
    – आईसोलेट-क्वारैंटाइन लोगों की गहन जांच और देखभाल
    – वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता
  • लेवल 2 अलर्ट: खतरे का स्तर घटाना

    – परिवार और दोस्तों से मिल सकते हैं, बेहद जरूरी यात्रा को मंजूरी
    – बीमार लोगों के लिए सख्त नियम और हिदायतें
    – 100 लोग तक जुट सकेंगे, रिकॉर्ड जरूरी
    – स्टोर्स में 2 और ऑफिस में 1 मीटर की दूरी जरूरी
    – कारोबार को सशर्त मंजूरी (नियम तय)
    – कुछ खेलों को मंजूरी, रिकॉर्ड रखना जरूरी
    – म्यूजियम, लाईब्रेरी और पूल खुल सकते हैं, नियमों का पालन जरूरी
  • लेवल 1 अलर्ट : खतरा भांपना और उसके हिसाब से जवाबी तैयारी

    – स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर रणनीति
    – सीमाओं पर आवाजाही सीमित या बंद
    – टेस्टिंग पर फोकस
    – खांसी आए तो कोहनी का सहारा लें, चेहरा बिल्कुल न छुएं
    – हाथ ठीक से धोएं और सुखाएं।
    – कामकाज के स्थान पर कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग का रिकॉर्ड जरूरी
    – हर पॉजिटिव केस की फौरन कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग
    – आईसोलेशन और क्वारैन्टाइन
    – स्कूल और दूसरे वर्क प्लेस खुलेंगे, ऐहतियात जरूरी
    – बीमार हैं तो घर में रहें

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