Modi-Xi Informal Summit पर पाक की नजर- जाने कितनी महत्वपूर्ण रहेगी ये मीटिंग

जिनपिंग का दौरा: चीन के राष्ट्रपति दूसरे शिकार सम्मलेन के लिए भारत दौरे पर है ऐसे में इस मुलाकात का पाकिस्तान पर कितना असर होगा क्योकि पाकिस्तान और चीन का राजनितिक और व्यवसायिक सम्बन्ध काफी अच्छे रहे है । दूसरी तरफ यह मीटिंग  दोनों देशो (भारत-चीन) के रिश्तो के लिए कितनी महत्वपूर्ण होगी ? आइये जानते है पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रहे गौतम बम्बावाले से ।

दूसरी अनौपचारिक बैठक के लिए भारत दौरे आये चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का शुक्रवार को चेन्नई में जोरदार स्वागत किया गया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शी जिनपिंग की तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 11 और १२ अक्टूबर को मुलाकता हुई । शायद सभी की नजर भारत चीन सीमा विवाद पर रही होगी और होगी भी क्यों नई क्योकि धरा 370 हटाने के बाद चीन के साथ विवाद खत्म करने के लिए हमें किसी न किसी तरह डील करनी थी ।Modi-Xi Informal Summit पर पाक की नजर- जाने कितनी महत्वपूर्ण रहेगी ये मीटिंग

जिनपिंग का दौरा: भविष्य में चीन के साथ पाकिस्तान का गठजोड़ भारत के लिए बड़ी चुनौती होगा

आपको बता दे की भारत आने से पहले शी जिनपिंग  की मुलाकात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से भी हुई अब सवाल ये उठता है की आखिर मोदी और जिनपिंग की मुलाकात भारत के लिए कितनी फायदेमंद रहेगी कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने और जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद, क्या भारत और चीन की सीमाओं का कोई हल निकलेगा या नहीं

 महाबलीपुर में मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात, दोनों देशों के रिश्तों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है?

 11-12 अक्टूबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच महाबलीपुरम में हो रही दूसरी इनफॉर्मल समिट दरअसल दो लीडर्स के बीच स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन का हिस्सा है। इस समिट में दोनो ही अपने देश के उद्देश्य, लक्ष्य और भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे। इन लक्ष्यों को पूरा कैसे किया जाए, ये इस मुलाकात का महत्वपूर्ण बिंदु होगा। यहां पर बातचीत के जरिए दोनों ये समझने की कोशिश करेंगे कि भारत और चीन कैसे एक-दूसरे को कोऑपरेट कर सकते हैं और कैसे दोनों एक-दूसरे को मदद कर सकते हैं। दोनों देशों के लिए स्थायी गठबंधन और आपसी सामंजस्य के लिहाज से ये मुलाकात बहुत महत्वूर्ण है।

इमरान से मुलाकात में जिनपिंग ने कहा की हमारी दोस्ती अटूट है, तो क्या ऐसे में हम चीन पर दबाव बना पायंगे ?

भारत और चीन के बीच जो रिश्ता है, वो थोड़ा पेचीदा है। आबादी और जीडीपी के लिहाज से दोनों एशिया के सबसे बड़े देश हैं। वैश्विक धरातल पर नए सिरे से उबरने के लिए दोनों ही ( भारत और चीन) देशों के लिए ये आपसी संबंध काफी महत्वपूर्ण है। इस प्रक्रिया में पाकिस्तान कोई मायने नहीं रखता।

Chinese President Xi Jinping India Visit Live Updates

अनुच्छेद 370 पर चीन ने कहा भारत पाक आपस में मामला सुलझाए ।क्या पिछले कुछ महीनो में चीन ने पाकिस्तान में समर्थन में कुछ कमी दिखाई है ?

भारत-चीन के रिश्ते हमेशा से काफी जटिल रहे हैं। कई जगहों पर दोनों एकमत नहीं हैं और परस्पर प्रतिद्वंद्वी हैं। कई जगह ऐसी भी हैं, जहां पर दोनों देशों के बीच सहयोग भी है। मुझे लगता है कि 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को हटाने के निर्णय को पढ़ने, समझने और फिर उस पर प्रतिक्रिया देने में चीन से कुछ गलती हुई है। अनुच्छेद 370 हटाने के पीछे भारत सरकार का मकसद है कि जम्मू-कश्मीर में सही प्रशासन व्यवस्था और देश का संविधान लागू किया जाए। इस तरह के परिवर्तन समय-समय पर कई देश की सरकारें करती हैं। भारत में हुआ ये परिवर्तन पूरी तरह से घरेलू मुद्दे पर है और इसका प्रभाव देश के अंदरूनी हिस्सों में है।

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