पीएम मोदी ने मौजूदा कोरोना संकट को दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा संकट बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कर्नाटक की राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस के सिल्वर जुबली कार्यक्रम को संबोधित किया. मौजूदा कोरोना बीमारी संकट को दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा संकट कहा पीएम मोदी जी ने. उन्होंने कहाँ की कर्नाटक सरकार को कोरोना बीमारी से निपटने के लिए बधाई देता हूं. अगर यह बीमारी न होती तो बहुत अच्छे से आज का दिन मान्य जाता. और इस समाये मैं भी आपके साथ मौजूद होता वहाँ…जैसे विश्व युद्ध के बाद दुनिया बदली उसी तरह इस महामारी से लड़ने के बाद भी ये विश्व बदलेगा और डॉक्टर्स नर्स और वैज्ञानिकों की तरफ आशा की नज़रों से देखेगा और उनका सम्मान करे।

  • कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी का संबोधन
  • देश के डॉक्टरों पर दुनिया की नजरें
  • दूसरे विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़ा संकट कोरोना

पीएम मोदी ने मौजूदा कोरोना संकट को दूसरे विश्_व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा संकट बताया

वायरस अगर इनविजिबल है तो हमारे डॉक्टर इन्विंसिबल है. यह लड़ाई इन्विंसिबल बनाम इन्विंसिबल की है जिसा की आप देख ही रहे है. स्वच्छ भारत से बहुत फायदा हुआ. आयुष्मान भारत जो की विश्व की सबसे बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य स्‍कीम है. वह भारत की. सप्लाई चेन भी बेहतर साबित हुई है. इन सब योग के ज़रिये भारत ने अहम भूमिका निभाई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाँ है की आज स्वास्थ्यकर्मी एक सैनिक की तरह काम कर रहे हैं और देश के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं और हमें उनकी सहारना करते हुई आगे बढ़ना है. कोरोना वायरस नहीं दिखता है, लेकिन कोरोना वारियर्स की मेहनत आज दिख रही है. पीएम ने कहा कि दुनियाभर की निगाहें आज भारत के डॉक्टरों पर टिकी हैं.

देखिये किन बॉलीवुड स्टार्स ने निभाई कोरोना में रियल हीरो की भूमिका

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