श्रीकृष्ण जन्म भूमि परिसर से मस्जिद हटाने की याचिका जिला कोर्ट में स्वीकार

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मथुरा में जिला जज की अदालत ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद (Shree Krishna Birth Place Dispute) में याचिका दायर करने वाले पक्ष श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका स्वीकार कर ली है. कोर्ट ने इस मामले से जुड़े दूसरे पक्षों को नोटिस जारी कर अपनी बात रखने को कहा है.

श्रीकृष्ण विराजमान की मांग

इस मामले श्रीकृष्ण विराजमान, श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि के स्वामित्व की मांग कर रहा है. यही नहीं इस याचिका में शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की भी मांग की गई है. दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप, याचिकाकर्ता विष्णु जैन ने बताया कि उन्होंने मस्जिद को मंदिर परिसर से हटाने की मांग की है. क्योंकि 1968 का समझौता धोखे से हासिल किया गया था.

भगवान की भूमि पर कानूनी कार्यवाही

इससे पहले सिविल जज की अदालत में ये याचिका खारिज कर दी थी लेकिन जिला जज साधना रानी ठाकुर की अदालत ने इस याचिका को मंजूर कर लिया है. 30 September को एडीजे ने मामले से संबंधित अपील को यह कहते हुए खारिज किया था, कि भगवान श्रीकृष्ण के करोड़ों भक्त हैं, इसलिए याचिका स्वीकार नहीं की सकती है. डीजे कोर्ट में अब 18 November को केस की सुनवाई होगी.

महमूद गजनवी ने किया था हमला

मथुरा (Mathura) के श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान पर भी आक्रमणकारी महमूद गजनवी ने हमला किया था. लूटकर इस धर्मस्‍थल को भी तोड़ा गया था, यह मंदिर कई बार तोड़ा और बनाया जा चुका है. इसी जगह पर मालिकाना हक के लिए दो पक्षों में कोर्ट में विवाद है.

जिस जगह पर आज कृष्‍ण जन्‍मस्‍थान है, वह पांच हजार साल पहले मल्‍लपुरा क्षेत्र के कटरा केशव देव में राजा कंस का कारागार हुआ करता था. इसी कारागार में आधी रात को भाद्रपद महीने की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्‍ण (Shree Krishna) ने जन्‍म लिया था. कई इतिहासकारों ने इस पर विस्तार से वर्णन किया है.

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