BCCI अध्यक्ष बनने पर ममता बनर्जी  ने गांगुली को दी बधाई

इंडिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का निर्विरोध बीसीसीआई अध्यक्ष बनाना तय है बंगाल के टाइगर नाम से मशहूर गांगुली को BCCI अध्यक्ष के लिए चुनने और बनाये जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी काफी खुश है , ट्वीट कर बधाई दी

अपनी नई जिम्मेदारी सँभालने से पहले सोमवार को मुंबई में दादा ने कहा की यह मेरे लिए बहुत सुनहरा मौका है क्योकि में ऐसे समय में बोर्ड की कमान संभल रहा हु जब उसकी छवि काफी खराब हुई है ।BCCI अध्यक्ष बनने पर ममता बनर्जी  ने गांगुली को दी बधाई

सौरव गांगुली (47 वर्षीय) ने कहा कि निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है क्योकि मैने देश के लिए खेला है और कप्तान भी रहा हु । गांगुली BCCI अध्यक्ष पद कि दौड़ में बृजेश पटेल को पछाड़ते हुए अब अकेले उम्मीदवार रह गए हाउ वैसे में उनका अध्यक्ष बनाना लगभग तय है । BCCI के अध्यक्ष चुने जाने के बाद बंगाल कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गांगुली को ट्वीट कर बधाई दी और कहा कि आपने भारत और बंगाल को गौरवान्वित किया है ।

अपने अध्यक्ष पद पर मुहर को लेकर गांगुली ने सोमवार दोपहर तीन बजे तक इंतजार करने के लिए कहा। अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए ‘प्रिंस ऑफ बंगाल’ ने घरेलू क्रिकेटर्स को सही ट्रेनिंग की जरूरत बताई। गांगुली ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल होगी। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष का इरादा भारतीय क्रिकेट के उन सभी कामों को करना है जो पिछले 33 माह में प्रशासकों की समिति नहीं कर सकी।

BCCI अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी के लिए तैयार गांगुली

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18000 से अधिक रन बना चुके पूर्व कप्तान गांगुली ने कहा कि निर्विरोध चुना जाना ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी है । कोलकाता के महाराज नाम से लोकप्रिय दिग्गज खिलाडी ने कहा की वह विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा संगठन होने के कारण जिम्मेदारी तो है ही, चाहे आप निर्विरोध चुने हो या नहीं । भारत क्रिकेट की दृष्टि से महाशक्ति है तो यह एक बड़ी चुनौती होगी मेरे लिए ।

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कार्यकाल सिर्फ नौ महीने का होने के सवाल पर ‘दादा ‘ ने कहा कि उन्हें अफ़सोस है लेकिन यही नियम है और हमे इसका पालन करना है । जब में आया तो मुझे पता नहीं था कि में अध्यक्ष बनुंगा और पत्रकारों ने पूछा तो मैने ब्रजेश का नाम लिया । लेकिन हालत बदल गए और मुझे निर्विरोध चुनने कि बात चल पड़ी । मैने कभी बीसीसीआई चुनाव नहीं लड़ा तो मुझे नहीं पता कि बोर्ड रूम राजनीति क्या होती है।’

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