सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के 10 प्रमुख कारण- जानिए सोने और चांदी के रेट कितने तक पहुंच गए

पश्चिमि देशो में बढ़ते तनाव के कारण, विदेशो में  सोने-चांदी  की कीमतों में  भारी उछाल आया है | विदेशो मे सोने की कीमत 1,600 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गयी। इससे दिल्ली सराफा बाजार में इसके दाम 530 रुपये बढ़कर 42,330 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गये। चांदी भी 760 रुपये उछलकर चार महीने से अधिक के उच्चतम स्तर 49,560 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव रहा।

जाने , क्यों बढ़ती है सोने की कीमते

ईरान -अमेरिका तनाव के आलावा भी ऐसी 10 और वजह है जिनके कारण सोने के भाव आसमान छू रहे है | आइये जाने सभी कारणों को विस्तार से…

सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के 10 प्रमुख कारण
सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के 10 प्रमुख कारण

ईरान -अमेरिका तनाव : ईरान ने आज सुबह इराक स्थिति अमेरिकी सैन्य बलों और अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमला किया। इससे निवेशकों ने पूंजी बाजार में जोखिम उठाने की बजाय सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु का रुख किया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की शुरुआत से ही स्थानीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। इस साल 2 जनवरी के बाद से पांच कारोबारी दिवस में सोना 1,980 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 1,910 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है।

वैश्विक आर्थिक सुस्ती : बीते 18  महीनो में  चीन – अमेरिका के बीच व्यापारिक मसलो को लेकर टकराव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ़्तार मे मंदी आयी है और कारन वश अनिश्तिंता का माहौल अब्भी भी खत्म नए हुआ है |

ब्याज दरो मे  कटौती : वैश्विक स्टार पर केंद्र बैंको द्वारा भेज डरो मए कटौती की गयी| जिसके कारण डॉलर मे जो कमजोरी रही ,उसने सोने की कीमतों के उछाल (बढ़ती कीमत/रेट ) सपोर्ट का काम किया। देखा जाये तो पहले के मुकाबले डॉलर मे कमजोरी अभी भी बरक़रार है |

निवेश (इन्वेस्टमेंट)का सुरक्षित व बेहतर साधन : आज भी सोने व छनि मए निवेश करना सभी के लिए एक सुरक्षित साधन है | रियल स्टेट के क्षेत्र में निवेश कमजोर रहने और इक्विटी निवेश के प्रति अनिश्चितता  कके माहौल मए निवेशकों के लिए सोने मए इन्वेस्ट करना एक मात्रा सुरक्षित और बेहतरीन साधन बना हुआ है यही वजह है की सोने के दामों मए इतनी तेजी बानी हुई है |

सोने के निवेशकों को पिछले साल भारत में 23.77 फीसदी रिटर्न मिला। वहीं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 18.28 फीसदी का रिटर्न मिला। इसलिए सोने में निवेश के प्रति निवेशकों का रुझान बना हुआ है।

तेजी का ट्रेंड (दौर): केडिया एडवाइजरी (Kedia Advisory) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय केडिया (Ajay Kedia) के मुताबिक , अगर हम सोने मे तेजी के ट्रैंड का इतिहास देखे तो  जानेगे  की जब भी किसी महंगे धातु मे  तेजी अति है तो वह 3 -4  साल तक लगातार तेजी बनी रहती है.

इक्विटी में गिरावट की आशंका : इक्विटी मार्किट मई बड़ा करेक्शन भी सोने की कीमतों के तेजी से बढ़ने का कारन है। अंतराष्ट्रीय स्टार पर ,बेटे साल मई इक्विटी मार्किट मई अच्छा रेतुर्न मिला, लेकिन आगे गिरावट की सम्भावनाये बनि हुई है| जिससे सोने  मे  निवेशियो का रुझान सोने मे बढ़ेगा, क्युकी ये निवेश का सबसे सुरक्षित उपकरण है.

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी : सेंट्रल बैंक बाइंग ईटीएफ मई निवेश भी सोने की तेजी का एक बड़ा कारन है | अजय केडिया कहते हैं कि सोने में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी बढ़ी है, जिससे इसकी कीमतों को आने वाले दिनों में भी सपोर्ट मिलने की संभावना है।

ईटीएफ लिवाली : सोने में तेजी का सबसे बड़ा कारक ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) लिवाली रहा है। पिछले साल ग्लोबल ईटीएफ लिवाली में करीब 295 टन का इजाफा हुआ और ईटीएफ होल्डिंग साल के आखिर में 2,308.6 टन रही।

रुपये में कमजोरी: यहाँ भी एक कारन हजाय सोने की तेजी का , देश मई जब-जब तेजी अति है तो खरीदारी बढ़ती है और इसके विपरीत की कीमतों मई गिरावट के दौरान खरीदारी का रुझान कमजोर होता है|

                                                       ” कहाँ तक पहुंचे गई गोल्ड-सिलेर की रेट “

Gold-silver
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कितना ऊपर जा सकता है सोने का भाव

केडिया एडवाइजरी (Kedia Advisory) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय केडिया (Ajay Kedia) भी ये मानते है की वैश्विक तनाव के चलते निवेशक सोने-चाँदी  का रुख करते हैं | 2020 में सोना 43000 से 44000 तक जा सकता है, और इसकी वह कई वजह भी बताते है|  अजय केडिया (Ajay Kedia) बताते है की सोने की तेजी 1  साल  की नहीं बल्कि 3 -5  साल तक चलती है | इसके अलावा ब्रेक्जिट, रिशेसन, निगेटिव बांड डील, सेंट्रल बैंक बाइंग ईटीएफ में निवेश, डालर में कमजोरी जीयो पॉलिटिकल टेंशन, इक्विटी मार्केट में बड़ा करेक्शन भी सोने के रेट में बड़ी तेजी की वहज बन सकते हैं।

75000 तक पहुंच सकती है चांदी

अजय केडिया के मुताबिक चांदी , सोने के मुकाबले लोगो को ज्यादा आकर्षित कर सकती है | इसकी सबसे बड़ी वजह है गोल्ड-सिल्वर रेश्यो , जो 30  साल में पहली बार हाई लावेल पर था | आज भी सोने के  मूकाबले चाँदी काफी सस्ती हे | साल 2020 में यह 45 58000 से 60000 तक पहुंच सकती है। अगर चांदी 60000 रुपये प्रति किलो का बैरियर तोड़ा तो यह 75000 तक पहुंच सकती है।

Disclaimer: All information is gathered from various internet sources.

Sources: www.livehindustan.com

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