1 साल से कर रही न्याय का इंतज़ार, तेजाब पीड़िता ने खून से लिखा SP को खत

तेजाब पीड़िता ने खून से लिखा SP को खत, 1 साल से न्याय का इंताजर
सरकार भले ही महिलाओ की सुरक्षा के लाख दावे कर रही हो पर जमीं पर महिलाओं के साथ उत्पीड़न की तस्वीर बिलकुल अलग है । उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज (kasganj) में ऐसा ही एक केस सामने आया है । यहाँ पर एक तेजाब पीड़िता (Acid Victim) न्याय के लिए पिछले एक साल से चक्कर काट रही है । लेकिन पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाई, सुनवाई अभी तक नहीं की गई है । कासगंज के पुलिस अधीक्षक ने एसिड पीड़िता (Acid Victim) की मांग पर मामले की जाँच कोतवाली सदर से बदलकर थान सहावर को भेज दी है और उन्होंने अब जल्द कार्यवाई का भी आश्वासन दिया है ।1 साल से कर रही न्याय का इंतज़ार, तेजाब पीड़िता ने खून से लिखा SP को खत

दरअसल कासगंज के पुलिस अधीक्षक के पास अपने खून से पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाने आई वह महिला यासमीन है । परिवार में जमीनी विवाद के चलते कुछ दबंगो ने तेजाब डालकर महिला को जला दिया था जिसकी रिपोर्ट पीड़िता ने कोतवाली सदर में कराई थी । पुलिस ने FIR तो दर्ज कर ली पर कार्यवाई नहीं की और Acid Victim पिछले १ साल से ठाणे के चक्कर लगा रही है ।

एक साल से न्याय के लिए लगा रही गुहार

यासमीन एक साल से कभी पुलिस चौकी , कभी थाना तो कभी अन्य अधिकारियो की चिखत खटखटा रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही । महिअ ने आरोप लगाया की करीब 1 साल पहले जमीनी विवाद के चलते उस पर तेजाब फेंक दिया गया था । पुलिस ने पीएसओ की ख़ातिर दो बार FIR (रिपोर्ट) भी दर्ज कर ली लेकिन कार्रवाई के नाम पर उसको सिर्फ झूठी तसल्ली ही मिली । यासमीन अब खाकी से तंग आकर आत्महत्या तक कर लेने की बात कह रही है। उसकी सिसकियां सबूत हैं इस बात का कि वह सिस्टम के इस चक्कर से परेशान हो चुकी है। इतना ही नहीं तेजाब पीड़िता कुछ दिन पहले महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित से भी न्याय की गुहार लगा चुकी है। उसके बाद भी आज तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल सका है ।

पीड़िता की मांग पर विवेचना ट्रांसफर की गई है: एसपी

वहीं इस मामले पर जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया कि महिला ने प्रार्थना पत्र देकर यह अपेक्षा की है कि विवेचना किसी अन्य थाने में ट्रांसफर कर दी जाए. इस आधार पर महिला की विवेचना को सहावर थाने में ट्रांसफर कर दी गई है. देखना होगा कि थाना बदल जाने से पीड़िता को न्याय मिल पाता है कि नहीं.

Related posts

Leave a Comment