जामिया हिंसा: दिल्ली पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है

जामिया हिंसा: नई दिल्ली के जामिया इलाके में, नागरिकता कानून का विरोध करने के बाद बसों में आग लगा दी गई। वर्तमान में सभी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उन युवाओं पर 10 से 20 हजार का इनाम घोषित किया जाएगा, जिन्हें फोटो और सीसीटीवी फुटेज के जरिए पहचाना गया है।

नई दिल्ली : जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय हिंसा में शामिल उपद्रवियों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। पुलिस हिंसा में शामिल 20 लोगों के खिलाफ इनाम घोषित करने की तैयारी कर रही है। इनाम की राशि 10 से 20 हजार रुपये तक होगी। पुलिस का कहना है कि यह इनाम उन युवाओं पर रखा जाएगा, जिनकी पहचान फोटो और सीसीटीवी फुटेज के जरिए हुई है।

जामिया हिंसा: बदमाशों पर 10 से 20 हजार का इनाम घोषित करने की तैयारी में दिल्ली पुलिस। यह इनाम उन युवाओं पर रखा जाएगा, जिनकी पहचान फोटो और सीसीटीवी फुटेज के जरिए हुई है।

डीसीपी राजेश देव (एसआईटी, क्राइम ब्रांच) का कहना है कि जल्द ही इनाम की घोषणा की जाएगी। यह ध्यान दिया जा सकता है कि जामिया की यह हिंसा संशोधित नागरिकता कानून और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स ऑफ इंडिया (NRC) के विरोध में हुई थी। फिलहाल ये सभी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

पुलिस ने दो मामले दर्ज किए थे

दिल्ली पुलिस ने जामिया में हिंसा से संबंधित दो मामले दर्ज किए थे। पहला मामला न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में और दूसरा मामला जामिया नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। पुलिस ने आगजनी, दंगा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और सरकारी काम में बाधा डालने के तहत मामला दर्ज किया है।

दिल्ली पुलिस ने 10 युवकों को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने जामिया हिंसा में 10 युवाओं को गिरफ्तार किया पुलिस ने बताया कि सभी युवकों का आपराधिक रिकॉर्ड है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में कोई छात्र नहीं है, लेकिन यह भी कहा कि छात्रों को अभी तक क्लीन चिट नहीं दी गई है और मामले की जांच की जा रही है।

Jamia Violence Against CAA
Jamia Violence Against CAA

छात्रों पर लगे थे यह आरोप

15 दिसम्बर को प्रदर्शनकारी हिंसा पर उतर आए और सराय जुलैना में तीन बसों में आग लगा दी गई थी। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने दमकल एक गाड़ी में भी तोड़फोड़ की जिसमें एक फायरमैन को चोट लगी।

इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस पर आरोप

  • यूनिवर्सिटी के छात्रों पर लाठीचार्ज
  • यूनिवर्सिटी के अंदर घुसने और फायरिंग करने के आरोप लगे
  • जामिया VC का हुआ था घेराव FIR

तीन दिन पहले जामिया मिल्लिया के सैकड़ों छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर कुलपति नजमा अख्तर का दफ्तर घेर लिया था। छात्र सुबह से ही कैम्पस में प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि परीक्षाओं का टाइम टेबल फिर से बनाया जाए, सुरक्षा मजबूत की जाए और 15 दिसंबर को कैम्पस में पुलिस लाठीचार्ज के मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाए। जिस पर वीसी ने उन्हें एफआईआर कराने का भरोसा दिया था और उसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय जाकर वरिष्ठ अफसरों से बातचीत की थी।

Disclaimer: All information is gathered from various internet sources.

Source: news18.com

Related posts

Leave a Comment