Delhi Blast : बम धमाके का ईरानी कनेक्शन! धमाके वाली जगह पर मिले लेटर में ब्लास्ट को बताया गया ‘Trailer’

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने आज सुबह इजराइली (Israel) दूतावास के निकट उस जगह का दौरा किया, जहां IED विस्फोट हुआ था. टीम विस्फोट की जांच कर रही है और इस संबंधी सबूत एकत्र कर रही है. जांच के दौरान पुलिस को एक लेटर बरामद हुआ है. लेटर में कहा गया है कि ये एक ‘ट्रेलर’ था. इसमें दो ईरानियों की हत्या का भी जिक्र किया गया है. हाल ही में तेहरान के करीब ईरान के बड़े परमाणु वैज्ञानिक की ड्रोन-गन से हत्या की गई थी. Iran इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराता है.

बम घटनास्थल से जो पत्र मिला है उस पूरे 1 पेज के मजमून का एक लाइन का अर्थ है कि ‘हम बदला लेंगे.’ Delhi Police ने पिछले एक सप्ताह के दौरान ईरान के कितने नागरिक भारत आए और वापस गए. यह ईरानी नागरिक भारत में कहां कहां रुके थे और इन लोगों से किन-किन लोगों ने मुलाकात की थी. इस बाबत जानकारी जुटाने शुरू कर दी है. पिछली बार भी साल 2013 में अफसर ईरानी नाम का आदमी बम धमाके के फौरन बाद विदेश भाग गया था.

लेटर में किन दो ईरानियों की हत्या का जिक्र किया गया है

30 November 2020 को ईरान एक परमाणु वैज्ञानिक की ड्रोन अटैक में हत्या हुई थी. उसके लिए ईरान के राष्ट्रपति ने सीधे तौर से इजरायल को जिम्मेदार ठहराया था. इससे पहले 2012 में इजरायली राजनयिक की कार पर जो हमला हुआ था उसमें भी तार ईरान से जुड़े पाए गए थे. दिल्ली के ही एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया था जो ईरान की न्यूज एजेंसी के लिए काम करता था.

2012 बम हमले की जांच में भी इजरायल की टॉप सीक्रेट सर्विस, मोसाद ने Delhi Police की स्पेशल सेल और भारत की खुफिया एजेंसियों की मदद की थी. ये तक कहा जाता है कि मोसाद की टिप-ऑफ से ही केस क्रैक किया गया था.

भारत ने इजराइल के विदेश मंत्री से बात की

दिल्ली के लुटियंस इलाके में औरंगजेब रोड (Aurangzeb Road) पर स्थित इजराइली दूतावास के निकट शुक्रवार शाम मामूली IED विस्फोट हुआ था. धमाका उस समय समय हुआ, जब वहां से कुछ किमी दूर गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन के तौर पर होने वाला ‘बीटिंग रीट्रिट’ कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें राष्ट्रपति Ramnath Covind, उपराष्ट्रपति M Venkaiah Naidu और PM Modi मौजूद थे.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने घटना को लेकर इजराइल के विदेश मंत्री गाबी अश्केनाज से फोन पर बात कर उन्हें इजराइल के राजयनिकों और उसके मिशनों की पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया था.

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