कोरोना-काल में चेहरे पर मुंहासों के मामले बढ़े, मास्कने का खतरा

दुनिया में एक नया शब्द “मास्कने” सामने आया है, कोरोनावायरस महामारी के बीच कोरियन स्किन कंपनियों ने “मास्कने एजेंशियल्स” नाम से कलेक्शन रिलीज किए हैं। इसका मतलब होता है मास्क पहनने से होने वाले मुंहासे या चेहरे पर जलन हो सकती है। येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में डर्मेटोलॉजी की एसोसिएट क्लीनिकल प्रोफेसर डॉक्टर मोना गोहरा भी अपने तीन लेयर मास्क के कारण मास्कने से जूझ रही हैं।

मास्कने का सबसे ज्यादा खतरा हेल्थकेयर वर्कर्स और दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स को हो सकता है। क्योंकि ये सभी टाइट मास्क को काफी लंबे वक्त तक पहने रहते हैं। जर्नल ऑफ अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी में छपे एक रिसर्च के मुताबिक, चीन के हुबेई में करीब 83 फीसदी स्वास्थ्य कर्मी चेहरे पर स्किन प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं। इसके अलावा आम लोगों में भी मुंहासों की समस्या में इजाफा हुआ है।

कोरोना-काल में चेहरे पर मुंहासों के मामले बढ़े

इन 3 बातों का ध्यान रख आप मास्कने से बच सकते हैं-

  • सही मास्क का सिलेक्शन करें – डर्मेटोलॉजिस्ट 100% कॉटन मास्क को अच्छा मानते हैं, क्योंकि यह त्वचा को सांस लेने का मौका देता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा आपको पसीना ज्यादा आएगा। ऐसे में आपको मास्क को साफ रखना होगा।
  • स्किन केयर प्रोडक्ट्स कम इस्तेमाल करें – डेल मेडिकल स्कूल में डर्मेटोलॉजी सर्जरी की डायरेक्टर डॉक्टर एस टायलर हॉलमिग कहते हैं कि जितने कम सामान उतना ज्यादा अच्छा। यहां आपकी मदद मॉश्चेराइजर कर सकता है। यह आपको मास्क फ्रिक्शन (रगड़) से बचाते हैं।
  • मेकअप से ब्रेकअप – डॉक्टर हीथ के मुताबिक, मेकअप को कम करने का यह अच्छा वक्त है। वो लोग जो आदत तोड़ नहीं सकते, उन्हें डॉक्टर हीथ सनस्क्रीन के साथ टिंटेड मॉश्चेराइजर के उपयोग की सलाह देती हैं।

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