अगर चीन ऐसा करता तो महामारी बनने से पहले ही खत्म हो जाता कोरोना

कोरोना वायरस महामारी से शायद बचा जा सकता था अगर चीन ने वायरस फैलने के शुरुआती दिनों में चीजें छिपाई नहीं होती तो. अमेरिकी संसद की फॉरेन अफेयर्स कमेटी की एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है की शुरुआती दिनों में चीजें छिपाई नहीं होती तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता. रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन को भी जिम्मेदार ठहराया गया है.

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद की कमेटी ने 96 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन की सत्ता पर काबिज कम्युनिस्ट पार्टी ने वायरस से जुड़े सबूत और डेटा मिटाए. इतना ही नहीं, चीन ने अपने देश की सप्लाई चेन को बेहतर रखने के लिए अमेरिकी कंपनियों के निर्यात को भी सीमित कर दिया था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने सक्रियता के साथ स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को छिपाया, साथ ही डॉक्टरों और पत्रकारों की आवाज भी दबा दी जिन्होंने दुनिया को चेतावनी देने की कोशिश की. वहीं, रिपोर्ट में चीन के साथ WHO की मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है. इसलिए WHO प्रमुख टेड्रोस एडहैनम घेब्रियेसुस के इस्तीफे की मांग भी की गई है.

अमेरिकी संसद की फॉरेन अफेयर्स कमेटी पर डेमोक्रेटिक सांसदों का नियंत्रण है, लेकिन इस रिपोर्ट को रिपब्लिकन सांसदों ने लिखा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर चीन अधिक पारदर्शी और सक्रिय रहता तो 2019 के आखिर में कोरोना शुरू होने के बाद ही संक्रमण को रोका जा सकता था. इससे लाखों लोगों की भी जान बच जाती.

बता दें कि दुनिया में कोरोना वायरस के कुल मामले 3.15 करोड़ से अधिक हो पहुंच चुके हैं. अब तक 9.7 लाख लोगों की कोरोना से मौत भी हो गई है. अमेरिका और भारत, कोरोना के सबसे अधिक मामलों से जूझ रहे हैं.

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