IAS Success Story of CBSE Topper Ritika Jindal- She got 88 Rank in UPSC IAS Exam

IAS Success Story of CBSE Topper Ritika Jindal- कैंसर से पीड़ित पिता की देखभाल करते हुए की प्राप्त की UPSC IAS एग्जाम में 88वी रैंक

रितिका जिंदल एक ऐसा नाम जिसने जिंदगी में सारी मुसीबतो का सामना करते हुए यूपीएसी की परीक्षा अच्छी रैंक के साथ पास की । हम आपको एक ऐसी लड़की की कहानी बताने जा रहे है जो उन युवाओ के लिए प्रेरणा स्रोत है जिन्होंने एक बार असफल होने के बाद निराश हो जाते है और आगे की परीक्षाओ की तैयारी नहीं करते है ।

IAS Success Story of CBSE Topper Ritika Jinadal
कैंसर से पीड़ित पिता की देखभाल करते हुए की प्राप्त की UPSC IAS एग्जाम में 88वी रैंक

Hee, we are talking about UPSC Civil Services Exam Topper Ritika Jindal. She cracked UPSC Exam 2018 with great 88 Rank across country. she was already a CBSE Class 12 northern region topper in commerce.

रितिका ने महज 22 साल की उम्र में UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास की है ।

पंजाब राज्य के मोंगा में रहने वाली रोटीका जिंदल ने अपने कैंसर से झुज रहे पिता की देखभाल करते हुए IAS Exam पास की और साथ ही 88वी रैंक हासिल करके युवाओ के लिए आदर्श बनी है । रितिका ने यह सफलता बहुत कठिनाइयों का सामना करते हुए पाई है, जिन परिस्थितिओ में लोग टूट कर बिखर जाते है । दरअसल परीक्षा के दौरान उनके पिता को कैंसर हो गया था । रितिका जिंदल ने अपना धैर्य नहीं खोया और पिता की देखभाल करते हुए study पर फोकस रखा और आज नतीजा हम सबके सामने है ।

ग्रेजुएशन पास की दिल्ली से

पंजाब से शुरुवाती पढाई पूरी करने के बाद वो ग्रेजुएशन के लिए श्री राम कॉलेज में एडमिशन लिया । रितिका ने ग्रेजुएशन में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किये है । 12वी क्लास में रितिका ने सूयर्मस सब्जेक्ट में टॉप किया था । UPSC की परीक्षा में उन्होंने ऑप्शनल विषय के तौर कॉमर्स और अकॉउंटेन्सी को चुना था.

सोनिया मनमोहन के तिहाड़ जाने पर क्या बोले महाराष्ट्र के मंत्री – कोई तो मज़बूरी रही होगी वरना…

रितिका ने खुद बताया अपनी सफलता का राज

रितिका के अनुसार, जीवन सभी उतार-चढ़ावों के बारे में है। सपने और उनको प्राप्त करना एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जो पर्याप्त समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ किया जा सकता है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा को पास करने के लिए, परीक्षा पैटर्न पर पकड़ होनी चाहिए। पेपर I में व्यावहारिक प्रश्न का प्रयास करने से अभ्यर्थियों को पूर्ण अंक प्राप्त करने में मदद मिल सकती है और इस तरह के रैंके  प्राप्त की जा सकती है । पेपर II के लिए, परीक्षा लिखते समय एक महत्वाकांक्षी आरओ क्रैक के लिए तर्कसंगत सोच बहुत महत्वपूर्ण है। सफलता का मुख्य मंत्र अधिक से अधिक संशोधन है।

Related posts

Leave a Comment