IAS नितिन सांगवान ने कहा – लोगों को मार्क्स की चिंता करते देख लगा कि मेरी हालत तो इनसे ज्यादा खराब थी

12 जुलाई को CBSE ने 12वीं कक्षा के परिणाम जारी किए और इसके दो दिन बाद 15 जुलाई को 10वीं का रिजल्ट घोषित हुआ था। रिजल्ट आने के कुछ घंटों बाद ही सभी टॉपर्स की सक्सेस के किस्से सुने में आते या फिर हाई स्कोर की कहानी बताना चाहते। या फिर किसी दूसरे ने हाई स्कोर कैसे हासिल किया ये जानना चाहता था। लेकिन, इसी बीच एक आईएएस अधिकारी नितिन सांगवान ने के ट्वीट कर अपने बारे में बताया।

IAS नितिन सांगवान ने अपनी 12वीं की मार्कशीट ट्वीट कर बताया

नितिन सांगवान ने 2015 में लोक सेवा आयोग ( UPSC) परीक्षा क्लियर की थी। इस सफलता के पांच साल बाद यानी 14 जुलाई 2020 को, जब लोग 12वीं में 99% लाने वालों की कहानियों में मशगूल थे। आईएएस नितिन सांगवान ने अपनी 12वीं कक्षा की मार्कशीट ट्वीट की और बताया हाई स्कोर को लेकर घबराना नहीं है। ये कोई टॉपर की मार्कशीट नहीं थी। न ही इसमें किसी विषय में प्राप्त अंकों के आगे 100 लिखा था। बल्कि मार्कशीट पर केमिस्ट्री विषय में अभ्यर्थी को मात्र 24 मार्क्स मिले दिख रहे हैं।

Nitin Sangwan

नितिन सांगवान ने ट्वीट कर अपने 24 मार्क्स की तरफ स्टूडेंट्स का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा –

“12वीं कक्षा में केमिस्ट्री में मुझे 24 मार्क्स मिले थे। ये पासिंग मार्क्स से सिर्फ एक अंक ज्यादा था। लेकिन इन मार्क्स से यह तय नहीं हुआ कि मुझे अपने जीवन से क्या चाहिए। बच्चों पर मार्क्स का प्रेशर मत बनाइए। जिंदगी बोर्ड एग्जाम से कहीं ज्यादा है। रिजल्ट को आत्मनिरीक्षण का मौका समझें, न कि क्रिटजिज्म का।”

नितिन सांगवान का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में स्टूडेंट्स पर मार्क्स के दबाव का दायरा बढ़ गया है। इसलिए पैरेंट्स और घर के अन्य लोगों को बच्चों को और ज्यादा प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

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