Chandrayaan-2 Vikram lander goes silent but Orbiter is healthy and safe

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने संपर्क खोने के एक दिन बाद चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान -2 लैंडर विक्रम का पता लगाने में कामयाबी हासिल की है।

ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन) के 978 करोड़ रूपये की लगत वाला चंद्रयान-2 के असफल होने की सुचना से हम सब स्तब्ध है और होंगे भी क्यों नहीं ये एक राजनीति हटके हमारे देश को एक नै दिशा की और ले जाने वाला कदम जो है । खबर आई थी की जैसे चंद्रयान २ के लेंडर विक्रम का धरती से संपर्क टूट गया है, पर आधा सत्य है । ISRO के वैज्ञानिको के अनुसार वे अभी भी “Vikram” की तस्वीर देख सकते है परन्तु हा अब वहां से कोई तस्वीर भेज नई पायेगा ।

ISRO प्रमुख के सिवान ने बताया की  चंद्रयान-2 (Chandrayan-2) के लैंडर ‘विक्रम’ (Vikram) को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इसमें कोई भी टूट-फूट नहीं हुई है। इसरो लैंडर के साथ फिर से संपर्क स्थापित करने की हर संभव कोशिश कर रहा है ।Chandrayaan-2: क्या चाँद पर फिर खड़ा हो पायेगा घायल विक्रम- इसरो के पास 12 शेष

क्या चाँद पर फिर खड़ा हो पायेगा घायल विक्रम

मित्रो, रात के 1.55 का समय और चंद्रयान 2 का चांद पर लैंडिंग से ठीक पहले जैसे ही विक्रम लेंडर से संपर्क टूटा वैसे ही पूरा देश गमगीन हो गया, सबसे ज्यादा कोई गमगीन था तो वो थे # इसरो के अध्यक्ष के सिवान । इसके बाद इसरो ने रविवार को जानकारी दी की विक्रम की लोकेशन पता चल गई । इसरो के वैज्ञानिको ने आशंका जताई थी की चाँद से टकराने के बाद विक्रम को नुकसान पहुंचा है लेकिन दुबारा लोकेशन पता चलने पर इस बात से अभी राहत मिली है । अब इसरो के पास लैंडर से वापिस जुड़ने और सम्पर्क करने के लिए १२ दिन बचे है ।

दरअसल, चांद पर अभी लूनर डे चल रहा है. एक लूनर डे धरती के 14 दिनों का होता है. इसमें से 2 दिन चले गए हैं. मतलब यह है कि आने वाले 12 दिन चांद पर दिन रहेगा. उसके बाद चांद पर रात हो जाएगी. रात में विक्रम से संपर्क साधने में परेशानी होगी और इसरो का इंतजार लंबा हो जाएगा.

ये भी पढ़ें:- ISRO चीफ सिवन का दावा- असफल नहीं हुआ चंद्रयान-2, अगले 14 दिनों तक कोशिश जारी

Chandrayaan-2 Landing Landing News 

चाँद से 2.1 किलोमीटर पूरी पर सम्पर्क टूट गया था विक्रम से

इसके पहले इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने बताया था कि शुक्रवार देर रात चांद से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर आकर लैंडर विक्रम खो गया था। चांद की सतह की ओर बढ़ा लैंडर विक्रम का चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर पहले संपर्क टूट गया था। इससे ठीक पहले सबकुछ ठीकठाक चल रहा था, लेकिन इस अनहोनी से इसरो के कंट्रोल रूम में अचानक सन्नाटा पसर गया ।

लैंडर के अंदर ही है रोवर ‘प्रज्ञान’

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रोवर प्रज्ञान अभी भी लैंडर के अंदर है. यह बात चंद्रयान-2 के ऑनबोर्ड कैमरे के जरिए खींची गई लैंडर की तस्वीर को देखकर पता चलती है. साथ ही इसरो ने यह भी बताया कि चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर जो कि पूरी तरह से सुरक्षित है और सही तरह से काम कर रहा है. वह चंद्रमा के चक्कर लगातार लगा रहा है.

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