ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने बनाई डेक्सामैथासोन दवा, कोरोना के इलाज की नई दवा का दावा

वेज्ञानिकों के ऐलान के बाद WHO ने दिए थे इस दवा के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश, ड्रग का क्लीनिकल ट्रायल 6425 लोगों पर किया गया। पहले ग्रुप के मरीजों को हल्का डोज दिया गया, एक्सपर्ट्स बोले- यह हल्के लक्षण वाले मरीजों के लिए घातक, पर गंभीर पेशेंट्स के लिए फायदेमंद।

बीते हफ्ते ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने COVID 19 के खिलाफ जंग में सफलता की घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया था कि कोविड 19 के मरीजों के मौतों को कम करने की पहली दवा मिल गई है। अब यह पूरी स्टडी कहीं प्रकाशित होने के पहले और बिना समीक्षा के ऑनलाइन पोस्ट की जा चुकी है। डेक्सामैथासोन कोरोना से संक्रमित गंभीर मरीजों की मदद करता है, लेकिन यह मामूली बीमार मरीजों के लिए घातक भी है।

कोरोना के इलाज की नई दवा का दावा

डब्ल्युएचओ ने भी प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा

साल्ट लेक सिटी स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ उटाह स्कूल ऑफ मेडिसिन में पल्मोनरी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर सैमुअल ब्राउन ने कहा कि यह ड्रग कुछ मरीजों को नुकसान पहुंचा सकता है और हम अभी तक पूरी तरह पक्का नहीं कर पाए हैं कि यह मरीज कौन हैं।

कुछ अमेरिकी अस्पतालों के अधिकारियों का कहना है की वे डेक्सामैथासोन से कोरोनावायरस मरीजों के इलाज की शुरुआत करेंगे। WHO ने भी दवा के निर्माण में तेजी लाने की बात कही है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस दवा के एक्सपोर्ट को सीमित करने का फैसला किया है। इस ड्रग का क्लीनिकल ट्रायल ब्रिटेन में 6425 लोगों पर किया गया। पहले ग्रुप में शामिल मरीजों को दवा का बहुत हल्का डोज 10 दिनों तक दिया गया।

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