बॉलीवुड को ‘एंग्रीयंग मैन’ देने वाले निर्देशक थे प्रकाश मेहरा, जानिए उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें

दोस्तों 17 मई को Prakash Mehra Death Anniversary थी। उन्होंने बॉलीवुड को अमिताभ बच्चन के रूप में एंग्रीयंग मैन दिया। अमिताभ के फ़िल्मी करियर में बेहतरीन फिल्मे देने वाले प्रकाश मेहरा से जुडी कुछ रोचक बातें आज हम यहाँ शेयर कर रहे है।

अमिताभ बच्चन ने अपनी फ़िल्म करियर की शुरुआत ‘सात हिंदुस्तानी’ से की थी और आज वह बॉलीवुड के महानायक हैं। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं रहा, जब बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन का ही सिक्का बोलता रहा हो। एक दौर ऐसा भी आया, जब उनका फ़िल्मी करियर ख़त्म होने के कगार पर था। फिर आए निर्देशक प्रकाश मेहरा। उन्होंने अमिताभ बच्चन को ‘एंग्रीयंग मैन’ बनाया।

Prakash Mehra की बतौर निर्देशक पहली ‘हसीना मान जाएगी’ इससे पहले वो प्रोडक्शन कंट्रोलर के तौरपर काम करते थे। वह ‘उजाला’ और ‘प्रोफेसर’ जैसी फ़िल्मों के साथ जुड़े थे। ‘हसीना मान जाएगी’ बॉक्स ऑफ़िस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन करने में कामयाब रही। इसके बाद प्रकाश मेहरा ने ‘मेला’ और ‘समाधि’ जैसी फ़िल्में बनाईं। साल 1973 में प्रकाश मेहरा को अमिताभ बच्चन मिलें। ‘जंजीर’ से बॉलीवुड को अमिताभ के रूप में एंग्रीयंग मैन मिला। इसके बाद प्रकाश मेहरा ने अमिताभ के साथ लगातार कई फ़िल्में कीं। इसने में से ‘खून पसीना’, ‘हेराफेरी’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘लावारिस’, ‘नमक हलाल’ और ‘शराबी’ अपने समय हिट साबित हुईं। ‘हसीना मान जाएगी’ बॉक्स ऑफ़िस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन करने में कामयाब रही।

इसके बाद प्रकाश मेहरा ने ‘मेला’ और ‘समाधि’ जैसी फ़िल्में बनाईं। साल 1973 में प्रकाश मेहरा को अमिताभ बच्चन मिलें। ‘जंजीर’ से बॉलीवुड को अमिताभ के रूप में एंग्रीयंग मैन मिला। इसके बाद प्रकाश मेहरा ने अमिताभ के साथ लगातार कई फ़िल्में कीं। इसने में से ‘खून पसीना’, ‘हेराफेरी’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘लावारिस’, ‘नमक हलाल’ और ‘शराबी’ अपने समय हिट साबित हुईं।

प्रकाश मेहरा उन शुरुआती निर्देशकों में से एक थे, जिन्होंने हॉलीवुड में भी हाथ आजमाया। लेकिन भारी बजट की वजह से उनका प्रोजेक्ट सफल नहीं हो सका। 7 मई 2009 को निमोनिया और दूसरी बीमारियों के कारण मुंबई से ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्हें इंडिया मोशन पिक्चर्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन ने 2006 में लाइफ टाइम्स अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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