निर्भया केस के आरोपियों को फांसी, डेथ वॉरंट जारी… देश मे ख़ुशी की लहर | किस कारण सुबह 7 बजे दी जाएगी फांसी की सजा

Nirbhaya case : ” निर्भया केस के आरोपियों को फांसी की सजा… देश मे ख़ुशी की लहर “

जैसे ही निर्भया मामले मे कोर्ट का फैसला आया, पुरे देश मे ख़ुशी का माहौल बन गया. निर्भया मामले मे  कोर्ट ने चारो 4 आरोपियों को फांसी की सजा  दे दी है| कोर्ट ने फांसी देने का दिन  22 जनुअरी 2020 निर्धारित किया है, और फांसी देने का समय सुबह 7 बजे. इसके पीछे  खास कारण है |

निर्भया केस : आरोपियों को फांसी की सजा सूर्यौदय से पूर्व : जाने, किस कारण सुबह 7 बजे दी जाएगी फांसी की सजा

निर्भया केस : आरोपियों को फांसी की सजा : जाने, किस कारण सुबह 7 बजे दी जाएगी फांसी की सजा
निर्भया केस : आरोपियों को फांसी की सजा : जाने, किस कारण सुबह 7 बजे दी जाएगी फांसी की सजा

क्या आप जननाना नहीं चाहेंगे की फांसी का समय सुबह 7 बजे ही क्यों रखा गया, इसके पीछे क्या वजा है? चलिए हम आपको बताते है इसके पीछे का बहुमूल्य कारन है| दरअसल , 22 जनुअरी 2020 को सूर्यौदय का समय (7:30) सात बजकर 30 मिनट का है. इस कारण कोर्ट ने सुबह 7:00 का समय निर्धारित किया |

इसके अलावा भी कई अन्य  कारनो  से भी कैदियों को सुबह सूर्य उदय से पहले फांसी दी जाती है, इसके 1 मूल्य कारन यह भी है की दरअसल किसी की जान लेना इंसान को अशांत कर देता हे , तो जल्लाद की सुबह किसी को मौत देने से कैसे शुरू कराइ जा सकती है | इसके अलावा भी कई अन्य करने से सजा को समय सूर्योद्या से पहले दी जाती है |

जानिए (Nirbhya case) केस के बारे मे। …

” निर्भया केस के आरोपियों को फांसी की सजा… देश मे ख़ुशी की लहर “

एसा मन जाता है की अपराधियों को दिन भर  का इंतज़ार नहीं कराना चाहिए , जिससे उनपर गलत मानसिक प्रभाव पड़ता है  (दीमक पर बहुत गहरा असर पड़ता है )इसलिए केईडो को सुबह सूर्यो डे से पूर्व नित्य क्रिया कराकर फांसी के लिए ले जाया जाता है  और दूसरी वजह यह भी है की सुबह उठकर सभी लोग नित्य अपने काम मई लग जाते है असेस मई जेल मई भी अन्य लोग अपने काम मई लग जाते है, इसलिए भी फांसी का समय सूर्योदय से पहले देदी जाती है जिससे दूसरे लोगो पर बुरा प्रभाव न पड़े |

सामाजिक वजह

जिसने बुरा काम किया है उसे  फांसी की सजा दी जाती है | इस बात का  समाज पे बुरा असर /प्रभाव न पड़े इस लिए भी सुबह सूर्योदय से पहले फांसी की सजा दे दी जाती है |

प्रशासनिक वज़ह

अपराधी को फांसी देने से पहले और बढ़ मए कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है | जैसे मेडिकल टेस्ट, रिपोर्ट्स, कई जगह नोट्स भेजने होते हैं, कई रजिस्टरों में एंट्री करनी पड़ती है| इन सभी प्रक्रियाओं के बाढ़ शव को परिवार वालो को सोपना रहता है | ये भी एक बढ़ा कारण है की अपराधी को फांसी सुबह सूत्यो दया से पहले लगाई जाती है|

देशभर की बाकि खबरे। …

Disclaimer: All information is gathered from various internet sources.

Source: hindi.asianetnews.com

Related posts

Leave a Comment